ग्रहों के निवास और उत्कर्ष: राशि चक्र के संकेतों के माध्यम से एक यात्रा

ज्योतिष इस विचार पर आधारित है कि प्रत्येक ग्रह का एक निवास होता है, एक ऐसा स्थान जहाँ वह सबसे अच्छा महसूस करता है, और एक उत्कर्ष, एक ऐसा स्थान जहाँ वह अपनी ऊर्जा को असाधारण रूप से व्यक्त करता है। यहाँ प्रत्येक संकेत और उससे जुड़े ग्रह का एक अवलोकन है:
1. **मेष (मार्स)**: मेष में मार्स का निवास होता है, जहाँ वह ऊर्जा, पहल और साहस का प्रतीक है, जबकि वह मकर में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह अनुशासन और महत्वाकांक्षा पाता है।
2. **वृष (वीनस)**: वृष में वीनस का निवास होता है, जो sensuality और स्थिरता लाता है, और वह मीन में उत्कर्षित होती है, जहाँ वह करुणा और सपने व्यक्त करती है।
3. **मिथुन (मर्करी)**: मर्करी मिथुन में अपने घर में महसूस करता है, जहाँ वह तेज़ संचार और बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देता है, जबकि वह कन्या में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह विवरण और विश्लेषण की अपनी भावना प्रकट करता है।
4. **कर्क (चंद्रमा)**: चंद्रमा कर्क में निवास करता है, जो अंतर्दृष्टि और संवेदनशीलता लाता है, और वह वृष में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह सुरक्षा और आराम पाता है।
5. **सिंह (सूर्य)**: सूर्य सिंह में निवास करता है, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रकाश फैलाता है, और वह मेष में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह एक गतिशील और अग्रणी आत्मा को प्रकट करता है।
6. **कन्या (मर्करी)**: कन्या भी मर्करी का निवास है, जो व्यावहारिकता और संगठन पर जोर देती है, और मकर में उत्कर्षित होकर, वह जिम्मेदारी की एक तीव्र भावना प्रकट करती है।
7. **तुला (वीनस)**: वीनस तुला में निवास करती है, जो सामंजस्य और संबंधों को बढ़ावा देती है, जबकि वह मीन में उत्कर्षित होती है, जहाँ वह भावनात्मक और कलात्मक गहराई पाती है।
8. **वृश्चिक (प्लूटो)**: प्लूटो, हालांकि एक आधुनिक ग्रह माना जाता है, वृश्चिक से जुड़ा हुआ है, जहाँ वह परिवर्तन और तीव्रता को उजागर करता है, जबकि वह सिंह में उत्कर्षित होता है, जो रचनात्मक शक्ति को प्रकट करता है।
9. **धनु (जुपिटर)**: जुपिटर धनु में निवास करता है, जो विस्तार और आशावाद लाता है, और वह कर्क में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह भावनात्मक वृद्धि और सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
10. **मकर (सैटर्न)**: सैटर्न मकर में निवास करता है, अनुशासन और जिम्मेदारी को प्रेरित करता है, और वह तुला में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह न्याय और संरचना का संतुलन बनाता है।
11. **कुम्भ (यूरेनस)**: यूरेनस कुम्भ में निवास करता है, जो नवाचार और स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है, और वह वृश्चिक में उत्कर्षित होता है, जहाँ वह गहरे परिवर्तन और छिपी सच्चाइयों को प्रकट करता है।
12. **मीन (जुपिटर)**: जुपिटर, मीन में उत्कर्षित होकर, प्रेरणा और आध्यात्मिकता लाता है, जबकि वह धनु में निवास करता है, जहाँ वह विस्तार और साहसिकता को बढ़ावा देता है।
इस प्रकार, प्रत्येक संकेत और प्रत्येक ग्रह एक अद्वितीय ऊर्जा और विशेषताओं की पैलेट प्रदान करता है जो हमारे जीवन में ज्योतिषीय प्रभावों की समझ को समृद्ध करता है।
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